Lucknow: हैलो दोस्तों नमस्कार आइए जानते है कि ऐतिहासिक शहर (Historical City)और उत्तर प्रदेश की राजधानी (Capital of Uttar Pradesh) के नाम से मशहूर नबावो के शहर (लखनऊ) (Lucknow) में कौन-कौन से स्थान है। जो इसे एक ऐतिहासिक शहर का दर्जा प्रदान करते है। यह शहर गोमती नदी के किनारे बसा है। इसने आज भी अपने समृद्ध संस्कृति और वैभवशाली इतिहास को आज भी खुद में समाहित किया हुआ है। जानते है पर्यटन की दृष्टि से लखनऊ में क्या-क्या है, देखने लायक –
1. बड़ा इमामबाड़ा (Bara Imambara Lucknow)
नबावों के शहर में मशहूर (Famous) यह इमामबाड़ा अपने वास्तुकला और भूल-भुलैया के लिए मुख्य रूप से जाना जाता है। इस बड़ा इमामबाड़ा को लखनऊ की एक ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा प्राप्त है। इस भूल भुलैया को अवध के नवाब (Nabab of Awadh) अशिफुद्दौला (Asaf-ud-Daula) ने 1784 के मध्य बनवाया था। इस भूल भुलैया के विषय में ऐसा कहा जाता है, कि इसकी छत तक पहुंचने के लिए 1024 रास्ते हैं, परन्तु वापस आने के लिए केवल दो ही रास्ते हैं पहला गेट (First Gate) या आखिरी गेट (Last Gate)। इसकी दीवारों को इस तरह से डिजाइन किया गया है। कि कोई फुसफुसाकर या धीमें कदमो से कही भी जाए। तो उसकी आवाज़ दूर तक साफ़ सुनाई पड़ती है।
इतिहास (History) द्वारा पता चलता है, कि अवध के नवाब अशिफुद्दौला ने एक भंयकर अकाल के समय इस भव्य परियोजना को आम जनता को रोजगार देने के उद्देश्य से प्रारम्भ किया था। ऐसा कहा जाता है कि आम जनता को लम्बे समय तक रोजगार देने की मंशा से नबाव के आदेश से कुछ धनी (Rich) और उच्च वर्ग (High Class) के लोग रात में आम जनता द्वारा बनायी गयी दीवारों को तोड़ने का काम किया करते थे। इस इमारत से जुडी एक और खास बात यह है, कि इमामबाड़ा का छत्ता चावल की भूसी की राख से बना है जो इस इमामबाड़े को खास बनाता है। इसकी छत बिना किसी गाटर व सरिया द्वारा बनी हुई है। यह निजामत इमामबाड़ा (Nijamat Imambara) के बाद ऐसा दूसरा सबसे बड़ा इमामबाड़ा हैं।

2. शाही बावली स्टेपवेल (Shahi Baoli Stepwell)
यह बड़ा इमामबाड़ा का ही एक भाग है। इस बावड़ी को अपने समय में मशहूर रह चुके वास्तुकार किफायत-उल्लाह (kiphaayat-ullaah) द्वारा डिजाइन किया गया था। यह शानदार शाही बावली इंडो-इस्लामिक वास्तु शैली में निर्मित है। यह 5 मंजिला बावड़ी (सीढ़ीदार कुंआ) नवाबी युग (Nababi Period) की देन है। उस समय इस बावड़ी को शाही हमाम (Shahi Baoli) के नाम से भी जाना जाता था। यह बाबड़ी गोमती नदी (Gomti River) से जुड़ी है। इसमें केवल दो तल ही पानी से ऊपर हैं, शेष तल पूरी तरह वर्ष भर जलमग्न रहते हैं।

3. रूमी दरवाजा (Rumi Darwaza)
बड़ा इमामबाड़ा (Bara Imambara)और छोटा इमामबाड़ा (Chhota Imambara) के मध्य बनवाया गया यह द्वार आज भी अपने गौरव को बनाए हुए है। इसका निर्माण 1784 में नवाब आसफ-उद-दौला ने रोजगार मुहैया करवाने के उद्देश्य से करवाया गया था। पर्यटन की दृष्टि से यह दरवाजा लखनऊ के प्रवेश द्वार के नाम से आज भी जाना जाता है। यह रात के समय लाइटों से प्रकाशित होता हैं, तो देखने में काफी मनमोहक लगता हैं।

4. कैसरबाग पैलेस( Kaiserbagh Palace)
अवध के आखरी नबाव (Last Nabab Of Awadh) ने कैसरबाग बाग का निर्माण इसको दुनिया का आठवां अजूबे (World’s 8th Wonder) का दर्जा दिलवाने के उद्देश्य से करवाया था। 19वीं सदी में निर्मित इस इमारत को मूरिश मीनारें, लालटेन, बैनिस्टर, पेडिमेंट्स और आयनिक कॉलम द्वारा सुसज्जित किया गया हैं। जो कि मुगल (Mugal) वास्तुकला का एक अद्वितीय उदाहरण है। यह खूबसूरत मंडप, भव्य दीवारों और सदियों पुरानी मूर्तियां से शोभायमान है। जो इस महल को आकर्षण के एक अलग ही मुकाम पर ले जाती हैं। पर्यटक (Tourists) यहां आकर एक अच्छे समय का आनन्द ले सकते है।

5. जनेश्वर मिश्र पार्क (Janeshwar Mishra Park)
इसको एशिया महाद्वीप (Asia Mahadweep) का सबसे बड़ा पार्क भी माना जाता है, इसका निर्माण समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party)ने करवाया था। कहा जाता है कि लंदन के हाइट पार्क ( Hyde Park in London )से प्रेरित होकर इस खूबसूरत पार्क का निर्माण करवाया गया था। यह पार्क लगभग 375 एकड़ जमीन में लगभगल 375 एकड़ जमीन में फैला यह विशालकाय पार्क जिसके दूसरी ओर 40 एकड़ में बनी एक खूबसूरत कृत्रिम झील पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आकर आप इस झील में बोटिंग का भी भरपूर आनंद ले सकते हैं। यहां पर भारतीय सेना का लड़ाकू विमान मृग 21 को भी रखा गया है। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लखनऊ में घूमने के लिए यह बहुत अच्छा पर्यटन स्थल (Best Tourist Place In Lucknow) है।

6. फिरंगी महल (Firangi Mahal)
उत्तर प्रदेश की राजधानी में उपस्थित यह भवन फिरंगी महल के नाम से जाना जाता है , क्योंकि इस भवन का मालिक एक यूरोपीय था। विदेशी स्वामित्व में होने के कारण से इस आलीशान भवन को एक शाही फ़रमान के तहत सरकार द्वारा इसे बाद में ज़ब्त किया गया था। औरंगज़ेब ने अपने सलाहकार मुल्ला असद बन क़ुतुब शहीद और उनके भाई मुल्ला असद बन क़ुतुबुद्दीन शहीद (Mullah Asad bin Qutub Shaheed) को यह भवन दे दिया।
जिसे उन्होंने इस्लामी (Islami) संस्था में बदल दिया।इसने इस्लामी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और वृद्धि में हमेशा एक अहम भूमिका निभायी है।आजादी के समय भी इसने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। गांधी जी समेत कई और स्वतन्त्रता सेनानियों ने इस महल में अपना समय व्यतीत किया है।

7. नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन (Nawab Wajid Ali Shah Zoological Garden)
इसे पहले प्रिंस ऑफ वेल्स जूलॉजिकल गार्डन ( Prince of Wales Zoological Gardens) और बनारसी बाग (Banaarsi Baag) के नाम से भी जाना जाता था। लखनऊ के मध्य में स्थित यह चिड़ियाघर 29.0 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तर्त है। इसकी स्थापना प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा के उप लक्ष्य में सन् 1921 में की गई। इस चिड़ियाघर में दलदल हिरण, काला हिरण, हॉग हिरण औरभौंकने वाले हिरण, सफेद बाघ,भारतीय भेड़िया और कई तीतरों को देखा जा सकता है। यह भारत के उन दो चिड़ियाघरों में से एक है जहां ऑरंगुटान को देखा जा सकता हैं। आप भी यहां आकर कई अनोखे जीवों को देखने का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। पर्यटकों का यहां आना जाना लगा रहता है।

8. जामा मस्जिद (Jama Masjid Lucknow)
जामा मस्जिद लखनऊ के सबसे पुराने ऐतिहासिक स्थलों में शुमार है। इसका निर्माण नवाब मोहम्मद अली शाह ( Mohammad Ali Shah) बहादुर द्वारा सन् 1839 में करवाया था। यह मुस्लिम समुदाय के लिए एक धार्मिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। दिल्ली की जामा मस्जिद से तुलना किए जाने के बावजूद, इस मस्जिद ने अपनी अनूठी वास्तुशिल्प डिजाइन के कारण अपनी अलग लोकप्रियता हासिल की है। दिल्ली की जामा मस्जिद सें इसकी तुलना की जाती है, परन्तु इसके निर्माण में लखुरी ईंटों का और इसे चूने से प्लास्टर करके तैयार किया गया है। यह वर्तमान समय में, अन्य लोकप्रिय पर्यटक स्थानो में अग्रणी भूमिका निभाती है।

9. छतर मंज़िल (Chhatar Manzil)
यह लखनऊ का एक ऐतिहासिक भवन है ,जिसमें हिन्दी फिल्म (Hindi Movie) जॉली एलएलबी 2 (Jolly LLB 2) जैसी मशहूर फिल्म की शूटिंग की गयी थी। नवाब ग़ाज़ीउद्दीन हैदर ( Nawab Ghazi Uddin Haider ) द्वारा इसके निर्माण की शुरूआत करवायी गई और उनकी मृत्यु के पश्चात उनके उत्तराधिकारी नवाब नासिरुद्दीन हैदर (Nawab Nasir Uddin Haider) ने इसको पूर्ण करवाया। इस 2 मंज़िला इमारत का मुख्य कक्ष 2 मंज़िल ऊँचाई का है जिसके ऊपर एक बडी सी सुनहरी छतरी विराजमान है। जो दूर से ही दृश्यमान है। इस छतरी के कारण इस भवन को छतर मंज़िल कहा जाता है। इस आलीशान इमारत को देखने के लिए पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। वर्तमान समय में यह केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान का कार्यालय है।

10. गोमती रिवरफ्रंट पार्क (Gomti Riverfront Park)
यह पार्क लखनऊ में एक प्रसिद्ध आकर्षण (Best Tourist Place in Lucknow) का केंद्र है क्योंकि यह गोमती नदी (River Gomti) के तट पर स्थित है। साथ ही इस पार्क की हरियाली लखनऊ जैसे चकाचौंध वाली जगह से आपको एक शांत वातावरण प्रदान करती है। यहां आकर आप गोमती नदी के दीदार के साथ-साथ एक अलग ही सुकून का एहसास कर सकते है। यहां पर्यटन को बढा़वा देने के उद्देश्य से नदी में वाटर शो के लिए म्यूजिकल फाउंटेन लगाए गए है। और इसके तट पर पर्यटकों के बैठने के लिए घास से बने सुन्दर स्टेंडिंग रूम बनाए गए है।

निष्कर्ष | Lucknow India
इस आर्टिकल में हमनें लखनऊ में घूमने की जगह (Best Places to Visit in Lucknow In India In Hindi) के बारे में विस्तृत तरह से बताया हैं, जो यात्रा को सरल और सुगम बनाने में आपकी बहुत मदद करेगा। हमें आशा है कि आज का यह लेख आपको पसंद आया होगा।
Places to Visit in Lucknow से संबंधित आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं और इस आर्टिकल को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।
और पढ़े-